नई दिल्ली, फरवरी 11 -- साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। इसे वलायाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इसके अलावा पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चांद सूर्य के अधिकतर जगह को लवर कर लेता है। लेकिन वलयाकार में चांद थोड़ा दूर होता है और सूरज के अधिकतर भाग को कवर नहीं कर पाता , इससे एक रिंग ऑफ फायर की स्थिति बनती है, क्योंकि सूर्य के किनारे खुले रहते हैं और सूर्य का प्रकाश वहां से आता है।सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें? ज्योतिषिय नजरिएसे देखें तो सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव होता है, इसलिए ग्रहण से जुड़ा दान आपको इसे प्रभाव से बचाएगा। ग्रहण के समय दान का महत्व पुराणों में भी बताया गया है। अगर ग्रहण दिख भी ना रहा हो, फिर भी सूर्य और चंद्र ग्रहण का दान करना उत्तम माना जाता है। सूर्य ग्रहण के दिन पितरों के न...