नई दिल्ली, जुलाई 2 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार और स्कूल सर्विस कमीशन (WBSSC) से तीखे सवाल पूछे कि आखिर कैश-फॉर-जॉब्स घोटाले में दागी करार दिए गए उम्मीदवारों को 30 मई को जारी नए भर्ती नोटिफिकेशन के तहत दोबारा आवेदन करने की अनुमति कैसे दी गई। कोर्ट ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से उन्हें अयोग्य ठहराया था, इसके बावजूद आपने यह नोटिफिकेशन कैसे निकाला है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा, "जब सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है इसके बावजूद इन दागी उम्मीदवारों को फिर से भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति क्यों दी गई? मैं देख सकता हूं कि इस नोटिफिकेशन में कई खामियां हैं, लेकिन अदालत हस्तक्षेप नहीं कर रही है क्योंकि इसकी अनुमति दी गई है। अब आप बताइए, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बावजूद दागी अभ...