नई दिल्ली, जुलाई 22 -- श्रावण मास में मां पार्वती ने अपनी तपस्या से शिव को प्रसन्न कर उन्हें वर रूप में प्राप्त किया था। इस माह में ही शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था। श्रावण माहात्म्य का वर्णन श्रावण मास से जुड़ी पौराणिक कथाओं का वर्णन किए बिना पूरा नहीं होता। इससे जुड़ी कुछ पौराणिक कथाएं-सावन में ससुराल आते हैं शिव पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां पार्वती ने श्रावण मास में ही कठिन व्रत, उपवास एवं तपस्या करके शिव को प्रसन्न करके उनसे विवाह का वर प्राप्त किया था। श्रावण मास की एक कथा यह भी है कि भगवान शिव श्रावण मास में ही विवाहोपरांत पहली बार पृथ्वी पर अपनी ससुराल गए थे। वहां उनका स्वागत अर्घ्य और जलाभिषेक से किया गया था। माना जाता है कि प्रत्येक वर्ष सावन में भगवान शिव अपनी ससुराल आते हैं।कालकूट विष का पान किया पौराणिक मान्य...
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