नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- Sarva pitru amavasya par kya karna chaiye: हिंदू धर्म में आश्विन माह की अमावस्या तिथि का खास महत्व है। इसे सर्वपितृ अमावस्या या आश्विन अमावस्या भी कहा जाता है। पितृ पक्ष भी इस दिन से खत्म होते हैं। इस साल सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर को है। मान्यता है कि सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनकी कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। सर्वपितृ अमावस्या पर जिन पूर्वजों की पुण्य तिथि ज्ञात नहीं है, उनका श्राद्ध किया जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई संपूर्ण तिथियों पर श्राद्ध करने में सक्षम नहीं है, तो सिर्फ अमावस्या तिथि पर श्राद्ध कर सकता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि पर किए गए श्राद्ध से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। जानें सर्वपितृ...
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