नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- बिहार चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अब खुद को 'A-to-Z' यानी सभी जातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने राज्य की प्रभावशाली भूमिहार समुदाय को साधने के लिए सक्रिय पहल शुरू की है। बिहार में भूमिहारों की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी केवल करीब 2.8% से 2.9% है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह समुदाय बेहद प्रभावशाली माना जाता है। भूमिहारों का असर न सिर्फ अपने वर्ग में बल्कि अन्य जातियों के मतदान व्यवहार पर भी देखा जाता है। RJD अब इन्हें साधने की कोशिश कर रही है। शुक्रवार को जदयू (JDU) नेता और घोसी से पूर्व विधायक राहुल शर्मा जो जदयू के वरिष्ठ नेता जगदीश शर्मा के पुत्र हैं ने RJD का दामन थाम लिया। इसके अलावा पार्टी एलजेपी (LJP) के पूर्व सांसद सूरजभ...
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