नई दिल्ली, अगस्त 5 -- सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। इस बार एकादशी तिथि कल दशमी तिथि यानी 4 अगस्त से ही शुरू हो गई थी। आज द्वादशी युक्त एकादशी रहेगी। एकादशी व्रत वैसे तो दशमी तिथि से ही शुरू हो जाता है। इस दिन शाम से सात्विक भोजन करना चाहिए। पुत्रदा एकादशी के दिन आज ज्येष्ठा नक्षत्र और ऐन्द्र व रवि योग का शुभ संयोग है। पुत्रदा एकादशी संतान की प्राप्ति और उनके अच्छे स्वास्थ्य व उन्नति के लिए की जाती है। इस व्रत का महत्व लोमेश मुनि ने महिष्मति के राजा को बताया था, जिसके बाद राजा के संतान हुई । एकादशी तिथि कल सोमवार को दिन के 9.52 बजे से शुरू हो गई थी और आज मंगलवार को दिन 11.29 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि अगले दिन बुधवार को इस व्रत का पारण किया जाएगा। छह अगस्त को दोपहर 12.40 बजे के पहले पारण किया जाएगा। ...
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