नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- Premanand Maharaj Pravachan: अपने इष्ट देवता के नाम को बार-बार याद करने को ही नाम जप कहा जाता है। आजकल लोग मेडिटेशन के तौर नाम जप करना प्रिफर करते हैं। वहीं वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज हमेशा लोगों को नाम जप करने के लिए प्रेरित करते हैं। माना यही जाता है कि इससे मन शांत रहता है और धीरे-धीरे एक दिन भगवत की प्राप्ति भी हो जाती है। हालांकि इसे लेकर कई नियम हैं और लोग कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज भी होते हैं। हाल ही में एक महिला श्रद्धालु ने प्रेमानंद महाराज से एकांतित वार्तालाप के दौरान पूछा कि लंबे समय से नाम जप करने के बाद भी भगवत की प्राप्ति नहीं हो रही है तो क्या किया जाए। इस सवाल का के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने ऐसी बात कही जिससे हर कोई रिलेट कर पाएगा।परमात्मा एक है प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जन्म ज...