नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- दिसंबर के अंतिम प्रदोष व्रत के आज है। इस दिन शाम को सबसे पहले व्रत का संकल्प करें। भगवान से बोलें-इस व्रत में आप यहं पधारिए ओर मेरी को हुई इस पूजा को पार्वतीजी के साथ करिए।' इस प्रकार संकल्प और आवाहन करके पूजा शुरु करनी चाहिये। इसके बाद मनुष्य एकाग्रचित्त हो रुद्रसूक्तका पाठ करें। इसके बाद शंख के जलसे ओर पंचामृतसे महादेवजी का अभिषेक करें। उनके मंत्रों से आसन समर्पित करें। उसीपर भगवान् को विराजमान करके अष्टगुणयुक्त अर्घ्य का निवेदन करे। फिर शुद्ध जल से आचमन कराकर मधुपर्क दें। उसके बाद पुनः आचमन के लिये जल देकर मन्त्रोच्चारण करके स्नान कराएं। फिर यज्ञोपवीत, वस्त्र ओर आभूषण अर्पण करें। परम पवित्र अष्टांगयुक्त चन्दन चढाएं। इसके बाद बिल्व, मदार लाल कमल, धतूर, कनेर, सनका फूल, चमेली, कुशा, अपामार्ग, तुलसी, जूही, चम्पा क...
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