दिल्ली, अगस्त 25 -- केंद्र सरकार के लाए पीएम-सीएम वाले बिल को जेपीसी में भेजने के बाद भी मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी रविवार को यह घोषणा की कि वह उन तीन विधेयकों की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में शामिल नहीं होगी। 'आप' ने आरोप लगाया कि इन प्रस्तावित कानूनों का मकसद विपक्ष की सरकारों को 'गिराना' है।क्यों नहीं शामिल हो रही AAP? आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने जेपीसी में किसी भी सदस्य को नामित न करने का फैसला किया है। संजय सिंह ने X पर हिंदी में एक पोस्ट में लिखा, "भ्रष्ट लोगों का नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ बिल कैसे ला सकता है? नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाना और जेल भेजना, सरकारों को गिराना,यही इस बिल का म...