संवाददाता, जनवरी 23 -- लखनऊ विश्वविद्यालय में अब वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को आयोजित करने की योजना है। इसके लिए शोध अध्यादेश में जल्द ही बदलाव किया जाएगा। साथ ही यूजीसी की ओर से पीएचडी प्रवेश के लिए जारी नई गाइडलाइंस को लागू करने की तैयारी है। इससे नेट, जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने बताया कि एलयू में अब आईआईटी की तर्ज पर वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का आयोजन होगा। प्रथम चरण की प्रक्रिया अप्रैल माह और द्वितीय चरण की नवंबर में आयोजित की जाएगी। इससे वर्ष भर खाली पड़ी रहने वाली पीएचडी सीटों के सापेक्ष दाखिले लिए जा सकेंगे। इसके लिए विवि के शोध अध्यादेश में बदलाव किय जाएगा जिससे इस व्यवस्था को अध्यादेश में रखा जा सके। अब नेट, जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को प...
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