नई दिल्ली, जनवरी 2 -- Paush Purnima Vrat 2026: हिंदू पंचांग में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 की पहली पूर्णिमा पौष मास के शुक्ल पक्ष में पड़ रही है, जिसे पौष पूर्णिमा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में आकाश में विराजमान होते हैं। यही वजह है कि इस तिथि को मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किया गया स्नान, दान और व्रत व्यक्ति के पापों का क्षय करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि पौष मास में किए गए धार्मिक कर्म, पौष पूर्णिमा के स्नान के बाद ही पूर्ण फल देते हैं। यही कारण है कि इस तिथि को पूरे पौष महीने का सार भी माना ...