नई दिल्ली, जनवरी 2 -- भारत के पेंशन परिदृश्य को नया रूप देने के लिए, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को मजबूत करने, फंड प्रबंधन में भागीदारी बढ़ाने और शासन व पारदर्शिता सुधारने के लिए व्यापक सुधारों को मंजूरी दी है।बैंकों को मिली नई भूमिका बिजनेस अूडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस बदलाव की सबसे बड़ी बात यह है कि अब अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक स्वतंत्र रूप से एनपीएस परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए पेंशन फंड स्थापित कर सकेंगे। यह मौजूदा मानदंडों से एक बड़ा बदलाव है, जो बैंकों की भागीदारी को सीमित करते थे। पीएफआरडीए का कहना है कि इससे पेंशन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा गहराएगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और न्यासी देखरेख मजबूत होगी। नए ढांचे के तहत केवल अच्छी पूंजी और मजबूत वित्तीय स्थिति वाले बैंकों को ही पेंशन ...