नई दिल्ली, फरवरी 3 -- कर्नाटक में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीटों में एनआरआई कोटा शामिल करने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा गया है। सरकारी एमबीबीएस सीटों में एनआरआई कोटा एड करने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की जा रही है। आलोचकों का आरोप है कि इस फैसले के चलते सस्ती सरकारी एमबीबीएस सीटें ऊंची कीमत पर बेची जा रही हैं। नीट यूजी 2025 काउंसलिंग के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कैटेगरी के तहत 57 एमबीबीएस सीटें तय की गई थीं। हालांकि इनमें से केवल 18 पात्र एनआरआई उम्मीदवारों ने ही सीटें लीं। शेष 39 सीटें बाद में गैर एनआरआई छात्रों को 25 लाख रुपये प्रति वर्ष की ऊंची एनआरआई फीस पर आवंटित कर दी गईं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कई राजनेताओं और मेडिकल शिक्षा से जुड़े हितधारकों ने तीखी आलोचना की है। उनका कहना है कि होनहार...