नई दिल्ली, जुलाई 3 -- नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) के ढुलमुल रवैये के चलते एमबीबीएस अभ्यर्थी लाखों रुपये खर्च करके भी ऐसे मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए मजबूर हैं जिनके इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं और फैकल्टी के बारे में वे कुछ नहीं जानते। दरअसल एनएमसी ने अभी तक मेडिकल कॉलेजों की मूल्यांकन रिपोर्ट (असेसमेंट रिपोर्ट) को सार्वजनिक नहीं किया है। इससे एमबीबीएस कोर्स में दाखिला चाह रहे नीट यूजी पास छात्र मेडिकल कॉलेजों की असलियत नहीं जान पा रहे हैं। 9 माह पहले एनएमसी ने तय किया था कि मेडिकल कॉलेजों का असेसमेंट फॉर्म सार्वजनिक किया जा सकता है या नहीं, इस मुद्दे पर वह कानूनी सलाह लेगा। महीनों बीतने के बाद भी एक ताजा आरटीआई के जवाब में एनएमसी ने कहा कि इस मामले की फाइल प्रकियाधीन है। यानी महीनों बाद भी मामला अनसुलझा है। एनएमसी के इस टालमटोल रव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.