नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- NEET Success Story: यह कहानी है दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास की, जिसने पैसे के दम पर मिली कामयाबी को ठुकराकर अपने हुनर और मेहनत के दम पर सफलता हासिल की। देश में मेडिकल (MBBS) सीटों के लिए होड़ और लाखों-करोड़ों की डोनेशन की मांग आम है, लेकिन एक मेधावी छात्र ने लगभग एक करोड़ रुपये की फीस वाली मैनेजमेंट कोटा की सीट को सिर्फ इसलिए मना कर दिया, क्योंकि उसे अपने मेरिट पर भरोसा था। डॉक्टर अंशुल साधले ने अपनी कहानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शेयर की। उनका का मानना था, "मुझे पापा के पैसे से नहीं, अपना दम पर मेडिकल सीट चाहिए।"डोनेशन सीट को ठुकराना एक बड़ा फैसला डॉक्टर अंशुल साधले मेडिकल प्रवेश परीक्षा (जैसे NEET) में शामिल हुए थे। पहले प्रयास में उन्हें एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सकता था, लेकिन इसके लिए बहुत बड़ी...
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