नई दिल्ली, जनवरी 15 -- मेडिकल सीटों के लिए वैसे तो मारामारी रहती है, लेकिन इस साल मेडिकल की पीजी सीटों को भर पाना मुश्किल हो रहा है। दूसरे दौर की काउंसलिंग के बाद भी पीजी की करीब 18 हजार सीटें खाली हैं। सरकार को सीटों के नहीं भर पाने की आशंका है। इस वजह से नीट पीजी का कटऑफ घटाकर शून्य पर्सेंटाइल तक करने का फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सीटों के नहीं भर पाने के कारण प्रवेश के लिए नीट पीजी की 50 फीसदी पर्सेन्टाइल की अर्हता को घटाकर सात पर्सेन्टाइल कर दिया गया है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए इसे 40 से घटाकर शून्य पर्सेन्टाइल कर दिया गया है। बता दें कि पिछले कई वर्षों से सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों में पीजी में सीटें खाली रह जा रही हैं। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में टिप्पणी की थी और सरकार से कहा था ...