नई दिल्ली, मई 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने पीजी मेडिकल कोर्स एडमिशन में बड़े पैमाने पर सीट ब्लॉक करने के चलन पर चिंता व्यक्त की है। इसे रोकने के लिए कोर्ट ने सभी निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा, स्नातकोत्तर (नीट पीजी) के लिए काउंसलिंग से पहले फीस का खुलासा करना अनिवार्य कर दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने हाल ही में पारित अपने फैसले में सीट ब्लॉक करने पर कड़े दंड का आदेश दिया। इसके तहत सीट ब्लॉक करने वाले छात्रों की सुरक्षा जमा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जब्त की जाएगी। साथ ही उन्हें भविष्य की नीट-पीजी परीक्षाओं के लिए से अयोग्य घोषित किया जाएगा। मिलीभगत के दोषी कॉलेज को काली सूची में भी डाला जाएगा। पीठ ने कहा है कि मेडिकल कॉलेजों में सीट रोकने की कुप्रथा सीट की वास्तविक उपलब्धता को विकृत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.