नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- हेल्थ सेक्टर में एमबीबीएस डिग्री की वेल्यू पहले की तुलना में कम होने के चलते अब ज्यादातर परीक्षार्थी नीट पीजी का रुख करते हैं। आज अमूमन हर एमबीबीएस डॉक्टर किसी ब्रांच में एमडी एमएस कर खुद पर स्पेशियलिस्ट का ठप्पा लगवाना चाह रहा है। लेकिन देश में मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट सीटें बेहद कम होने के चलते नीट पीजी में कड़ा कंपीटिशन होता है। दिन रात कड़ी मेहनत करने के बाद नीट पीजी पास भी हो जाए तो एक कंफ्यूजन उम्मीदवार को घेरे रखती है - किस ब्रांच में स्पेशलाइजेशन की जाए। कौन सी ऐसी ब्रांच है जिसमें उनकी कमाई मोटी होगी, भविष्य में डिमांड बनी रहेगी और तरक्की भी तेजी से होगी। यह बात सही है कि कोई भी ब्रांच चुनने का आधार उस विषय को जानने का जुनून होना चाहिए। लेकिन मार्केट ट्रेंड और पर्दे के पीछे की वास्तविकताओं का विश्लेषण करने के...
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