नई दिल्ली, नवम्बर 29 -- राजधानी दिल्ली में रविवार 30 नवंबर को एमसीडी के 12 वार्ड के लिए होने वाले उपचुनाव शहर की तीनों बड़ी पार्टियों के लिए किसी लिटमस टेस्ट की तरह हैं। माना जा रहा है कि इसके नतीजे कुछ हद तक निगम का पावर भी स्ट्रक्चर बदल सकते हैं। दिल्ली नगर निगम के 250 वार्ड में से 115 पर काबिज भाजपा (BJP) को 125 का आंकड़ा पार करके बहुमत मिलने की पूरी उम्मीद है। वहीं 99 पार्षदों वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अपनी खोई सियासी जमीन वापस पाने और अपनी सीटों की संख्या तीन अंकों में वापस लाने के लिए लड़ रही है। सिर्फ आठ पार्षदों वाली कांग्रेस पार्टी के लिए यह उपचुनाव अपनी अहमियत साबित की लड़ाई है। 'आप' के तीन और भाजपा के 9 पार्षदों के संसद और विधानसभा के लिए चुने जाने के चलते ये 12 सीटें खाली हुईं हैं। 2022 के एमसीडी चुनाव में 'आप' 134 वार्ड जीतकर...
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