नई दिल्ली, जनवरी 14 -- पंचांग के मुताबिक मकर संक्रांति का पर्व इस साल 15 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस पर्व का विशेष महत्व होता है। क्योंकि यह पर्व सूर्य और शनि देव से भी संबंध होता है। इस दिन सूर्य की उपासना की जाती है। यह पर्व हर साल तब मनाया जाता है, जब सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश या भ्रमण करने को ही संक्रांति कहते हैं। यही वजह है कि जब वो मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति कहलाती है। कैसे होते हैं बच्चे?इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि मकर संक्रांति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका जन्म-मरण के चक्र से भी गहरा नाता है। कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन जन्में बच्चों का भविष्य बेहद उज्जवल होता है। साथ ही ये बड़े ही सौभाग्य की बा...