नई दिल्ली, जनवरी 11 -- Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति को साल के पहले बड़े पर्व के रूप में देखा जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में सूर्य का उत्तरायण होना शुभ संकेत माना जाता है। शास्त्रों में मकर संक्रांति को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना गया है। दक्षिणायण को देवताओं की रात्रि और उत्तरायण को सकारात्मकता का प्रतीक कहा गया है। मकर संक्रांति के बाद दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, जिससे प्रकाश बढ़ता है और अंधकार कम होता है। यही बदलाव जीवन में नई ऊर्जा और शुभ शुरुआत का संकेत माना जाता है। इस बार मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कहीं 14 जनवरी को पर्व मनाने की बात हो रही...