प्रयागराज, फरवरी 7 -- माघ मेले में अपनों को खोने वालों के साथ-साथ अब उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से गायब हुए लोगों के परिजन भी संगम की रेती पर उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं। अपनी सुध-बुध खो चुके ये परेशान लोग 'भूले-भटके शिविर' के चक्कर काट रहे हैं और शिविर की दीवारों व टीन शेड पर अपने परिजनों की तस्वीरें और पता चिपका रहे हैं। मछली शहर की ज्योति, फतेहपुर के आदित्य और रायबरेली की शकुंतला देवी जैसे कई लोग ऐसे हैं जो मेले में तो नहीं आए थे, लेकिन उनके परिजनों को भरोसा है कि शायद भीड़भाड़ वाले इस मेले में उनका कोई सुराग मिल जाए। शिविर में अपनों की तलाश भूले-भटके शिविर के संचालक उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि बाहर से गायब हुए लोगों का फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन परिजन दिन भर मेले में घूमकर शाम को खाली हाथ लौट जाते हैं। मेले में ही 25 जनवरी ...