नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- अगले हफ्ते प्रेम, त्याग और समर्पण के प्रतीक करवा चौथ का व्रत रखा जाए। इस व्रत में सुहागिन औरतें अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत की खूबसूरती देखते ही बनती है वहीं इसके पीछे छिपा भाव दिल को छू लेता है। इस व्रत की परंपरा आज से नहीं बल्कि कई साल से चलती आ रही है। करवा चौथ के व्रत को खोलने से पहले सुहागिनें करवा माता की पूजा के बाद चंद्रदेव की पूजा करती हैं। इसके बाद छन्नी से अपने पति और चांद को देखती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर करवा चौथ पर छन्नी से पति को देखने के परंपरा क्यों है? नीचे विस्तार से इसके पीछे की कहानी जानें...छन्नी से क्यों देखते हैं पति का चेहरा? दरअसल छन्नी में कई छेद होते हैं और जब इससे चांद को देखा जाता है तो इसके कई प्रतिबिंब बनते हैं। इसके बाद उसी छन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.