नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- नवरात्रि के व्रत का समापन कन्या पूजन के साथ होता है। नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन, यानी अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है। जहां छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा जाता है और उन्हें भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कम से कम नौ कन्या और एक लांगूर होना शुभ माना जाता है। हालांकि इतनी सारी कन्याएं मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। कई बार आसपास इतनी छोटी बच्चियां होती नहीं हैं, और आजकल तो सेफ्टी के लिहाज से भी कई लोग बच्चियों को कहीं भेजने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपको भी पूजन के लिए कन्या नहीं मिल रही हैं, तो आप ये तरीके अपना सकते हैं।घर की कन्याओं का विधिवत पूजन करें कहीं बाहर कन्या नहीं मिल रही हैं, तो अपने घर-परिवार में मौजूद कन्याओं का पूजन करें। आपके रिश्तेदार, दोस्तों या आस...
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