नई दिल्ली, नवम्बर 10 -- मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हर साल काल भैरव जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप बाबा काल भैरव को समर्पित होता है। भैरव बाबा की पूजा तंत्र-मंत्र के देवता और काशी के कोतवाल के रूप में होती है। माना जाता है कि वे न केवल नकारात्मक शक्तियों और भय का नाश करते हैं, बल्कि शत्रुओं से रक्षा भी करते हैं। इस साल काल भैरव जयंती12 नवंबर 2025, बुधवार को है। यह दिन पूजा और साधना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। इस दिन भैरव साधना करने से व्यक्ति के जीवन में साहस, सुरक्षा और सफलता बढ़ती है। शास्त्रों में काल भैरव को भगवान शिव का वह स्वरूप बताया गया है जो असत्य, अन्याय और अधर्म का विनाश करता है। कहते हैं, जो व्यक्ति सच्चे मन से काल भैरव की पूजा करता है, उसके जीवन से डर, कर्ज, रोग और शत्रु सभी दूर हो जाते हैं।...
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