नई दिल्ली, नवम्बर 11 -- Kaal Bhairav Ashtamiकल यानी 12 नवंबर को काल भैरव जयंती है। इसे काल भैरव अष्टमी भी कहा जाता है। हर साल काल भैरव अष्टमी मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाते हैं। इस विशेष दिन पर भगवान काल भैरव की पूजा होती है जोकि भगवान शिव के ही उग्र रूप हैं। मान्यता है कि काल भैरव अष्टमी वाले दिन काल भैरव भगवान की अगर विधि-विधान से पूजा की जाए तो जिंदगी से नकारात्मकता दूर भाग जाती है। साथ ही कई तरह के ग्रह दोष भी खत्म होते हैं। इसके अलावा इस दिन काल भैरव बाबा को पूजने से हर तरह का डर भी खत्म होता है। काल भैरव में से काल का मतलब होता है समय और भैरव का मतलब होता है भय या डर को दूर करने वाला। काल भैरव के आगे काल यानी समय भी नतमस्तक हो जाता है। ऐसे में काल भैरव बाबा के भक्तों को हर नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिल जाती है।...
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