नई दिल्ली, अगस्त 15 -- श्री कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत में रात को पूजा में भगवान को स्नान कराने से लेकर चंद्र अर्घ्य तक पूजा में कई मंत्रों को बोलना चाहिए। भविष्यपुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत जो इस प्रकार जो इस व्रत को करता है, उसे वह पुत्र, संतान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयु, राज्य तथा सभी मनोरथों का फल पाता है। जिस घरमें यह व्रत किया जाता है, वहां अकालमृत्यु नहीं होती, दुर्भाग्य नहीं आता, एवं कलह नहीं होता। जो एक बार भी इस व्रत को करता है, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है । इस व्रत के करने वाले संसारके सभी सुखों को भोगकर अन्त में विष्णुलोक में निवास करते हैं। यह भी पढ़ें- कान्हा के इन मैसेज को भेजकर आप भी अपनों दें हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामना यह भी पढ़ें- कब है जन्माष्टमी पूजा का स्थिर लग्न मुहूर्त, निशीथ लग्न के ल...
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