नई दिल्ली, जनवरी 23 -- हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार एक गहन आध्यात्मिक और भावनात्मक प्रक्रिया है। मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से पहले मृत व्यक्ति के पैर छूना एक परंपरा है। यह सिर्फ एक रस्म या दिखावा नहीं है, बल्कि इसके पीछे सम्मान, आभार, आशीर्वाद और आत्मा की शांति से जुड़े गहरे कारण छिपे हैं। पैरों को हिंदू संस्कृति में शक्ति, ऊर्जा और आशीर्वाद का केंद्र माना जाता है। जीवित अवस्था में बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है, ठीक उसी तरह मृत्यु के समय अंतिम प्रणाम और आभार व्यक्त करने का यह अंतिम अवसर होता है। यह क्रिया परिवार और प्रियजनों को भावनात्मक रूप से जोड़ती है और दिवंगत आत्मा को शांतिपूर्ण विदाई देती है। आइए जानते हैं इस परंपरा के पीछे के प्रमुख कारण और महत्व।अंतिम सम्मान और आभार व्यक्त करने का माध्यम हिंदू धर्म में पैर छूना सम्मान ...