नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर चल रही चर्चा के बीच एलन मस्क के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मस्क ने दावा किया कि अमेरिका में कठिन शारीरिक श्रम करने वाले लोगों की भारी किल्लत है। उनके अनुसार, अमेरिकी नागरिक अक्सर ऐसी नौकरियों के लिए ट्रेनिंग लेने से कतराते हैं। यह टिप्पणी फोर्ड के सीईओ जिम फार्ले की हालिया चेतावनी के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी को 5000 मैकेनिक पद भरने में मुश्किल हो रही है, जहां सालाना सैलरी 120000 डॉलर है।मस्क ने आखिर कहा क्या? मस्क ने टिप्पणी की कि अमेरिकी भारी शारीरिक मेहनत के लिए तैयार ही नहीं हैं। टेस्ला के बॉस ने एक्स पर पोस्ट किया कि अमेरिका में चुनौतीपूर्ण शारीरिक काम करने वाले या इसके लिए ट्रेनिंग लेने वालों की बड़ी कमी है। सोशल मीडिया पर मस्क की इस टिप्पणी की कड़ी...