नई दिल्ली, जनवरी 19 -- सनातन धर्म में नवरात्रि के साथ ही गुप्त नवरात्रि का भी महत्व है। गुप्त नवरात्रि माघ मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी पर्यंत रहती है। इस बार 19 जनवरी दिन सोमवार से 27 जनवरी तक है। मंगलवार को गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि में गुप्त रूप से किया गया। पूजन-पाठ कार्यसिद्धि के लिए विशेष फल देता है। वैसे गुप्त नवरात्र को मंत्र पूजा के लिए खास माना जाता है। वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिनमें माघ व आषाढ़ की दो नवरात्रि गुप्त कही जाती हैं। तंत्र-मंत्र साधना के लिए यह काल सर्वोत्तम माना गया है। कुछ लोग गुप्त नवरात्र में व्रत रखते हैं। इसमें कलश स्थापना होती है, जैसे आश्विन व चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना कर विधि-विधान से पाठ व पूजा करने की परंपरा है, वैसे। इसके अलावा गुप्त नवरात्र में तंत्र मंत्र साधना अधिक फलदाय...