नई दिल्ली, फरवरी 26 -- आम आदमी पार्टी की हार के बाद आतिशी मार्लेना की मुख्यमंत्री की कुर्सी भले ही छिन गई, लेकिन उनके वेतन, भत्तों और सुविधाओं में कटौती नहीं होगी। इसकी वजह यह है कि दिल्ली में मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष के लिए वेतन और भत्ते एक जैसे हैं। इनके अलावा डिप्टी स्पीकर और मंत्रियों के लिए भी यही वेतन-भत्ते लागू हैं। अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं आतिशी का चुनाव बाद इस पद से हटना तय था। यदि चुनाव में आम आदमी पार्टी की भी जीत हुई होती तो भी उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी थी। पार्टी ने घोषणा की थी कि यदि चुनाव में जीत मिली तो अरविंद केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। 'आप' की हार के बाद 'आप' को विपक्ष में बैठना पड़ा है। ऐसे में पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और चुने हुए विधायकों ने आतिशी को नेता विपक्ष ...
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