नई दिल्ली, मई 27 -- देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने मंगलवार को गेटवे ऑफ इंडिया के पास यात्री जेटी और टर्मिनल प्रोजेक्ट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस दौरान सीजेआई गवई ने 'आमची मुंबई' और 'त्यांची मुंबई' के बीच के अंतर को भी समझाया है। बता दें कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील ने आमची मुंबई और एलीट क्लास के इस्तेमाल किए जाने वाले त्यांची मुंबई का जिक्र किया था। इस पर सीजेआई गवई ने कहा, "आमची मुंबई कोलाबा में नहीं रहती है। कोलाबा में केवल त्यांची मुंबई रहती है। आमची मुंबई मलाड, ठाणे, घाटकोपर में रहती है।" गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में कोलाबा में यात्री जेटी और टर्मिनल सुविधा के निर्माण के खिलाफ क्लीन एंड हेरिटेज कोलाबा रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया था कि ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.