पटना, अक्टूबर 25 -- चार दिवसीय छठ महापर्व शनिवार को अनुराधा नक्षत्र और शोभन योग में नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। पहले दिन व्रती गंगा नदी में स्नान के बाद भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर नहाय-खाय प्रसाद बनाते हैं। अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी और आंवले की चटनी आदि को भगवान का भोग लगाकर उसे ग्रहण करते हैं। छठ पूजा का दूसरा दिन अत्यंत पवित्र माना गया है। व्रत के दूसरे दिन रविवार की शाम में ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में गुड़ से बने खीर, रोटी, केला आदि खरना प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे। खरना प्रसाद ग्रहण करते समय गौ का भाग (ग्रास) निकाल कर व्रती चार दिवसीय अनुष्ठान के लिए गाय को भी साक्षी बनाएंगे। व्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगे। साल 2025 में खरना का दिन 26 अक्तूबर यानी कल पड़ेगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर होगा ...
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