राजकुमार शर्मा लखनऊ, नवम्बर 30 -- यूपी में भाजपा नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने चुनावी जीत के लिए वर्ष 1991 में वन बूथ-20 यूथ का मंत्र दिया था। तब से भाजपा ने सत्ता और विपक्ष के कई दौर देखे, लेकिन मतदान से पहले पोलिंग एजेंट की तलाश का सिलसिला खत्म नहीं हो पाया। मगर मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) ने 34 साल पहले दिए गए उस नारे को धार दे दी है। पार्टी इस मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बहाने बूथ प्रबंधन में जुट गई है। इस मुहिम ने बीएलए-2 के रूप में पार्टी को पोलिंग एजेंट भी दे दिया है। वर्ष 2027 के चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है। भाजपा हर चुनाव में बूथ प्रबंधन को लेकर अलग-अलग नारे बुलंद करती रही है। बूथ जीता-चुनाव जीता का नारा भी पार्टी ने दिया। मोदी मैजिक ने 2014 से पार्टी को यूपी में अजेय बना दिया, फिर पीएम मो...