नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की जिस तेज रफ्तार वाली विकास गाथा की झलक मिलती है, वह पटना की सीमा से बाहर निकलते ही धीमी और अधूरी नजर आने लगती है। भले ही नई चौड़ी सड़कें और पुल-पुलिया लंबी दूरी की यात्रा को आसान बना रहे हैं, लेकिन यही चमक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बीच एक गहरा विच्छेद भी पैदा कर रही है। पटना से दूर, बिहार के दूसरे सबसे शहर मुजफ्फरपुर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा मिलने के बावजूद, लोग आज भी निराशाजनक ट्रैफिक जाम और जल जमाव से जूझ रहे हैं। वहीं, सीतामढ़ी में लोग मेहसौल ओवरब्रिज के अधूरे पड़े काम पर गुस्सा जाहिर करते हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से कहा है कि यह ओवरब्रिज शहर की जीवनरेखा है, जिसका काम लगभग दो दशक ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.