नई दिल्ली, जनवरी 4 -- Allahabad University: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (AU) प्रशासन ने अकादमिक जगत और रिसर्चर के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यूनिवर्सिटी के नए फैसले के अनुसार, अब प्रोबेशन अवधि (परिवीक्षा काल) में कार्यरत शिक्षक भी छात्रों को पीएचडी करा सकेंगे। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल नवनियुक्त शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि विश्वविद्यालय में रिसर्च की गुणवत्ता और सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी।किन्हें मिलेगा इस फैसले का लाभ? यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का प्राथमिक लाभ उन नवनियुक्त शिक्षकों को मिलेगा, जिनके लिए पीएचडी की सीटें पहले से ही निर्धारित और विज्ञापित की जा चुकी हैं। स्वीकृत सीटें: रिसर्चरों का आवंटन केवल उन्हीं सीटों पर किया जाएगा जो पहले से तय और स्वीकृत हैं। नए सत्र की योजना: वे शिक्षक जिनकी नियुक्...