अहमदाबाद, नवम्बर 6 -- अहमदाबाद की अदालत ने 2002 के सांप्रदायिक दंगों के एक पुराने मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया। इन पर AK-47 और रिवॉल्वर लहराने का गंभीर इल्जाम था। सबूत था एक VHS टेप, जिसे शांति समिति के सदस्य सतीश दलवादी ने रिकॉर्ड किया था।क्या है मामला? 14 अप्रैल 2002 को दारियापुर थाने में दो FIR दर्ज हुईं। सतीश ने पुलिस को कैसेट सौंपा, जिसमें आलमगीरी शेख, हनीफ शेख, इम्तियाज शेख, रऊफमिया सईद और कुछ अन्य लोग हथियारों के साथ दिख रहे थे। पुलिस चार्जशीट में लिखा कि इम्तियाज के पास AK-47 जैसा हथियार था और एक अज्ञात व्यक्ति रिवॉल्वर चला रहा था। निशाना हिंदू समुदाय पर था।गवाह पलटे, टेप गायब 23 साल चले मुकदमे में एक आरोपी हनीफ शेख और कई गवाह मर चुके थे। जांच अधिकारी भी नहीं बचा। बाकी गवाहों ने कोर्ट में साथ नहीं दिया। एक गवाह बोला, "चाय...