नई दिल्ली, जनवरी 29 -- हिन्दू नववर्ष 2083 रौद्र नामक नवसंवत्सर 19 मार्च से शुरू होगा। इस नवसंवत्सर में ज्येष्ठ माह में अधिकमास आएगा। जो 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा। ज्योतिष एवं अध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि शुद्ध ज्येष्ठ का आरंभ ज्येष्ठ कृष्णपक्ष दो मई को होगा, जो 16 मई तक रहेगा। उसके बाद ज्येष्ठ अधिकमास होगा। नवसंवत्सर में इस बार करीब दो माह के ज्येष्ठ मास का संयोग तीन वर्षों के बाद आया है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं।अधिकमास में क्या करना चाहिए अधिक मास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं, इसलिए भगवान की भक्ति करनी चाहिए। पुराणों के मुताबिक इस अधिकमास में यज्ञ-हवन श्रीमद् देवी भागवत, श्री भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण सुनना फलदायी माना गया है। इस महीने में दीपदान, मालपुए और...