नई दिल्ली, जनवरी 2 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। वैध मेडिक्लेम होने के बाद भी इलाज खर्च नहीं देने पर दिल्ली निवासी सहदेव राणा ने बीमा कंपनी के खिलाफ वर्ष 2019 में उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया। करीब 6 साल बाद दिल्ली की जिला उपभोक्ता अदालत ने सहदेव राणा के हक में फैसला दिया। जबकि उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत महज 90 दिन के भीतर राणा की शिकायत का निपटारा हो जाना चाहिए था। यह कहानी सिर्फ दिल्ली के सहदेव राणा की नहीं है, बल्कि देशभर के उपभोक्ता अदालतों में करीब 5 लाख से अधिक लोगों की शिकायत का भी यही है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 38 की उपधारा 7 के तहत यह प्रावधान किया गया कि उपभोक्ता के शिकायत का निपटारा जल्द से जल्द किया जाएगा। साथ ही कहा गया कि हर उपभोक्ता अदालत प्रयास किया जाएगा कि मामले में प्रतिवादी पक्ष को नोटिस मिलने की तार...