मुजफ्फरपुर, जनवरी 1 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बिहार के विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच में नई गड़बड़ी सामने आई है। एक सहायक प्राध्यापक को 9 महीने की नौकरी में पांच वर्ष के अनुभव के अंक मिले हैं। भूगोल विषय में नियुक्त एक सहायक प्राध्यापक की पीएचडी फरवरी 2019 में पूरी हुई और उसने वर्ष 2020 में सहायक प्राध्यापक के लिए आवेदन किया। साक्षात्कार में उसे 10 में 9.7 अंक मिल गए। नियम के अनुसार सहायक प्राध्यापक को दो से तीन अंक मिलने चाहिए। सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच में लगातार कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। रजिस्ट्रार प्रो समीर कुमार शर्मा का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बीआरएबीयू में वर्ष 2020 से अब तक नियुक्त हुए सहायक प्राध्यापकों के अनु...