मुजफ्फरपुर, फरवरी 17 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। 85 करोड़ से अधिक की प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं छपी, लेकिन सरकारी विद्यालयों में नामांकित 50 फीसदी बच्चों ने भी परीक्षा नहीं दी। एक साल में मासिक परीक्षा के लिए 85 करोड़ रुपये से अधिक की प्रश्नपत्र और कॉपियां छापी गईं। मामला सूबे में 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की मासिक परीक्षा का है। सरकारी स्कूलों में सितम्बर 23 से सितम्बर 24 तक मासिक परीक्षा हुई थीं। हर महीने होने वाली परीक्षा की जिले समेत सूबे में हुई जांच के दौरान मामला खुला कि इसमें बच्चों की संख्या आधी भी नहीं रहती है। इन परीक्षाओं में प्रश्नपत्र और कॉपी छपवाने में हुए खर्च में बची हुई राशि देने की प्रक्रिया विभाग के स्तर से की गई है। 33 करोड़ पहले दी जा चुकी, अब 50 करोड़ दी गई : शिक्षा विभाग के उप सचिव ने राशि आवंटित को लेकर म...
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