नई दिल्ली, मार्च 16 -- बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं जाते उनकी कई सारी आदतों में बदलाव आते हैं। काफी सारे बच्चे 8-10 साल के होने के बाद भी अपने पैरेंट्स के साथ खासतौर पर मम्मी के साथ सोना पसंद करते हैं और अलग या अकेले नहीं सोना चाहते। अकेले सोने को बोलने पर वो डर लगने जैसे बहाने बनाते हैं और लाख कोशिशों के बाद भी पैरेंट्स के साथ ही सोते हैं। बच्चा अगर बड़ा हो रहा और आप चाहते हैं कि उसे अलग या अकेले सुलाया जाए तो कभी भी सीधे जाकर अकेले बोलने के लिए ना कहे बल्कि एक्सपर्ट के बताए इस तरीके को अपनाएं। इससे बच्चे आसानी से अकेले या पैरेंट्स से अलग सोने के लिए राजी हो जाएंगे।बच्चों की सीधे कभी ना कहें खुद से अलग सोने के लिए बच्चे का कान्फिडेंस लूज नहीं करना चाहिए तो कभी भी उसे सीधे ये ना करें कि आज से तुम अकेले सोओ। ऐसा कहने से काफी सारे बच्चे इम...
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