लखनऊ, दिसम्बर 7 -- पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण और अभियंताओं पर की गई कार्रवाई की वापसी के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति आंदोलन तेज करेगी। संगठन ने घोषणा की है कि 8 से 22 जनवरी तक बिजली कर्मचारी आपूर्ति के मामलों को छोड़कर बाकी काम कार्यालय अवधि के बाद नहीं करेंगे। 22 जनवरी को लखनऊ में रैली होगी। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि एक जनवरी को निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 400 दिन पूरे हो रहे हैं। उस दिन सभी जिलों और परियोजना कार्यालय में तैनात कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को सभी जिला और परियोजनाओं पर तैनात पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें चर्चा की गई कि अब निजीकरण और कार्रवाइयों के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा। आंदोलन में बिजली कर्मचारियों के अलावा...