गोण्डा। एसएन शर्मा, नवम्बर 30 -- शिक्षा की लौ अगर किसी के दिल में जल उठे, तो हालात रुकावट बनते हैं, न संसाधनों की कमी। बड़गांव क्षेत्र में आज जिस श्री गांधी विद्यालय रेलवे कॉलोनी इंटर कॉलेज का नाम सम्मान से लिया जाता है, उसकी नींव संघर्ष, समर्पण और अंग्रेजी शासन से भिड़े दो मित्रों की अदम्य हिम्मत पर रखी गई थी। यह कहानी है नंदलाल वर्मा और जगदीश शर्मा की, जिनकी जिद थी कि गरीब बच्चे पढ़ेंगे, और हर हाल में पढ़ेंगे। यही जिद धीरे-धीरे वह आंदोलन बनी, जिसने फिरंगियों की शिकस्त भी देखी और शिक्षा की नई दिशा भी गढ़ी।टिन शेड लगाया, फटी दरी बिछाई और शुरू कर दी पढ़ाई सन 1950 के दशक में बड़गांव क्षेत्र में ऐसा कोई स्कूल नहीं था जहां गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ सकें। मजदूर, किसान और दिहाड़ी कमाने वाले परिवार पढ़ाई का ख़र्च तो दूर, स्कूल की सोच भी नहीं पा...
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