किशनगंज, दिसम्बर 8 -- ठाकुरगंज। प्रखंड मुख्यालय स्थित एकमात्र प्लस-टू उच्च विद्यालय ठाकुरगंज शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जीता-जागता उदाहरण है। लगभग 1100 से अधिक छात्र-छात्राओं वाला यह विद्यालय आज भी जर्जर भवन में किसी तरह पठन-पाठन चला रहा है। जबकि वर्ष 2014 से सात करोड़ की लागत से बना भवन बना भी लेकिन आज भी छात्रों को पुराने व जर्जर भवन वाले कमरे में ही कक्षाएं करनी पड़ रही है। स्कूल में पठन-पाठन की बात करें तो आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा के दौर में भी विद्यालय में एक भी कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति नहीं है, जिससे बच्चों का तकनीकी विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 7 करोड़ की लागत से नया भवन तैयार, फिर भी कक्षाएं जर्जर भवन में आश्चर्य की बात यह है कि करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाया जा चुका है, लेकिन कक्षाएं आज भी पुराने...