रायपुर, जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ की सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइये खुश नहीं हैं। रसोइयों की मांग है कि उनकी मजदूरी 66 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 400 रुपये से अधिक की जाए। इसे लेकर सभी का विरोध प्रदर्शन लगातार 22वें दिन भी जारी रहा। ये रसोइए 'छत्तीसगढ़ स्कूल मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघ' के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों में लगभग 95 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनमें से कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों की हैं। उनका कहना है कि उनकी मेहनत से स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों को भोजन तो मिल रहा है, लेकिन उनके अपने घर मुश्किल में हैं। आंदोलन में शामिल होने के लिए कांकेर जिले से आईं सविता मानिकपुरी (38) ने पूछा, "सरकार हमारी जिंदगी के साथ क्यों खेल रही है?" दूधावा गांव के एक सरकारी मिडिल स्कूल में 2011 से रसोइए के रूप मे...