लातेहार, फरवरी 24 -- लातेहार, संवाददाता । आर्थिक स्थिति साधारण थी, लेकिन मोहल्ले और रिश्तेदारी ने कंधे से कंधा मिलाया। किसी ने अपनी जमा-पूंजी दी, किसी ने कर्ज लेकर मदद की, तो किसी ने बिना लिखित भरोसे के राशि थमा दी। हर दुआ में बस एक ही प्रार्थना थी कि संजय स्वस्थ होकर घर लौटें। इन्हीं प्रयासों से करीब आठ लाख रुपये जुटाए गए, ताकि 65 प्रतिशत तक झुलसे संजय साव को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा सके। लेकिन किसे पता था कि उम्मीदों से भरा यह प्रयास ही उनका आखिरी सफर बन जाएगा। आग की भीषण घटना के बाद संजय साव रांची स्थित देवकमल हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। चिकित्सकों की टीम लगातार उपचार में लगी थी। डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा था कि शरीर का बड़ा हिस्सा जल जाने के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर है और ऐसे मामलों में रिकवरी की संभावना बहुत ...