लखनऊ, फरवरी 7 -- कैंसर पीड़ित 65 प्रतिशत महिलाएं बीमारी की गंभीर या अंतिम अवस्था में अस्पताल आ रही हैं। इसमें सर्वाइकल व ओवेरियन कैंसर शामिल हैं। इस तरह के कैंसर से पीड़ितों में लक्षण देरी से नजर आते हैं। महिलाएं शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज करती हैं। जिससे स्थिति गंभीर बन जाती है। यह जानकारी केजीएमयू गायनी आंकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. निशा सिंह ने दी। वह शनिवार को केजीएमयू के गायनी आंकोलॉजी विभाग के प्रथम स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रही थी। ब्राउन हाल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. निशा ने कहा कि* महिलाओं में सबसे ज्यादा स्तन कैंसर होता है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरे स्थान पर है। जो कि महिलाओं के कुल कैंसर का लगभग 22.86 प्रतिशत हिस्सा है।* सर्वाइकल कैंसर के नए मामले और इससे होने वाली मौतें भी बड़ी संख्या में दर्ज ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.