नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- भारत ने अपने भूकंपीय खतरे के मूल्यांकन में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए नया 'अर्थक्वेक डिजाइन कोड-2025' जारी किया है। इस अपडेटेड सिस्मिक जोनेशन मैप में पूरे हिमालयी आर्क को पहली बार नव-निर्मित उच्चतम जोखिम वाले जोन-VI में रखा गया है। नई वर्गीकरण प्रणाली से पता चलता है कि भारत का 61% भूभाग अब मध्यम से उच्च भूकंपीय जोखिम वाले क्षेत्रों में आता है। पहले यह आंकड़ा 59% था। यह बदलाव देश में भवन निर्माण, आधारभूत संरचना और शहरी नियोजन के नियमों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा।हिमालयी क्षेत्र को एकसमान उच्च जोखिम टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रमुख विनीत गहलोत ने कहा कि यह मैप हिमालयी क्षेत्र में दशकों से लंबित वैज्ञानिक एकरूप...