सीवान, अगस्त 1 -- गुठनी, एक संवाददाता। करीब 245 किसानो के पास ही निजी पंपसेट खेती के लिए उपलब्ध है। जिन किसानों ने धान के फसल को खेतों में लगा दिया है। वह उनको बचाने के लिए लगातार पटवन में जुटे हुए हैं। बीएओ विक्रमा मांझी ने बताया कि किसानों को अधिक से अधिक डीजल अनुदान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ताकि उनको राज्य सरकार से फायदा मिल सके। 785 हेक्टेयर भूमि में हुई है मक्के की खेती प्रखण्ड में खरीफ खेती के लिए कुल 5339 हेक्टेयर भूमि में खेती करने का लक्ष्य रखा गया था। जिनमे धान के लिए 4554 और मक्के के खेती के लिए 785 हेक्टेयर भूमि निर्धारित है। हालांकि कम बारिश और गर्मी से किसानों ने 55% ही धान की बुआई किया है। किसानों को चिंता इस बात की है कि अगर सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में खेतो में पानी जमा हो जाएंगे। 45...
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